PMAY-शहरी 2.0 आसान भाषा में
अपडेट 1 सित॰ 2026 · 5 मिनट
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में किसे मदद मिलती है, होम लोन ब्याज सब्सिडी कैसे काम करती है, और आवेदन कैसे करें।
PMAY-शहरी 2.0 केंद्र सरकार के शहरी आवास मिशन का दूसरा चरण है, जिसे 2024 में मंज़ूरी मिली। इसका मकसद शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को अपना या किराए का अच्छा घर दिलाना है।
मदद के चार तरीके
- लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC): अपनी ज़मीन पर घर बनाने के लिए आर्थिक मदद।
- साझेदारी में किफ़ायती आवास (AHP): राज्य, शहर या निजी साझेदारों के बनाए सस्ते फ्लैट, जो अक्सर लॉटरी से मिलते हैं।
- किफ़ायती किराया आवास (ARH): प्रवासियों, कामगारों और छात्रों के लिए किराए के घर।
- ब्याज सब्सिडी योजना (ISS): EWS, LIG और MIG परिवारों के होम लोन के ब्याज पर सब्सिडी।
कौन पात्र है
वे परिवार (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे) जिनकी सालाना आय ₹3 लाख तक (EWS), ₹3–6 लाख (LIG) या ₹6–9 लाख (MIG) है, और जिनके पास भारत में कहीं भी पक्का घर नहीं है।
ब्याज सब्सिडी संक्षेप में
₹35 लाख तक के घर पर ₹25 लाख तक के लोन में, लोन के पहले ₹8 लाख पर 12 साल तक 4% ब्याज सब्सिडी मिलती है। कुल लाभ ₹1.8 लाख तक है, जो बैंक के ज़रिए सालाना किस्तों में आपके लोन खाते में आता है।
आवेदन कैसे करें
आधिकारिक PMAY-शहरी पोर्टल या अपने शहर की नगर निकाय के ज़रिए आवेदन करें। ब्याज सब्सिडी के लिए लोन लेते समय अपने बैंक / हाउसिंग फ़ाइनेंस कंपनी को बताएँ, वही जाँच करके इसका दावा करते हैं। 'PMAY मंज़ूर कराने' के लिए किसी एजेंट को पैसे देने की ज़रूरत कभी नहीं होती।
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