EWS, LIG, MIG, HIG: आय वर्ग आसान भाषा में
अपडेट 1 सित॰ 2026 · 5 मिनट
EWS, LIG, MIG और HIG वर्गों का मतलब, परिवार की आय कैसे गिनी जाती है, और अलग-अलग योजनाओं की सीमाएँ अलग क्यों होती हैं।
लगभग हर सरकारी आवास योजना आवेदकों को आय वर्गों में बाँटती है, ताकि सस्ते और छोटे घर कम आय वाले परिवारों को मिलें। वर्गों के नाम पूरे भारत में एक जैसे हैं, लेकिन रुपये की सीमाएँ नहीं।
चार वर्ग
- EWS: आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग, सबसे कम आय वाला वर्ग।
- LIG: निम्न आय वर्ग।
- MIG: मध्यम आय वर्ग (कभी-कभी MIG-I और MIG-II में बँटा होता है)।
- HIG: उच्च आय वर्ग, आमतौर पर इसकी कोई ऊपरी सीमा नहीं होती।
योजनाओं में सीमाएँ अलग क्यों होती हैं
केंद्र की PMAY-शहरी 2.0 योजना में परिवार की सालाना आय की सीमा ₹3 लाख (EWS), ₹3–6 लाख (LIG) और ₹6–9 लाख (MIG) है। राज्य बोर्ड अपने फ्लैटों के लिए अपनी सीमाएँ तय करते हैं। उदाहरण के लिए, MHADA के मुंबई मंडल ने 2023 में सीमाएँ बदलकर EWS के लिए ₹6 लाख तक, LIG के लिए ₹6–9 लाख, MIG के लिए ₹9–12 लाख और HIG के लिए ₹12 लाख से ज़्यादा कर दीं।
इसलिए एक ही परिवार किसी योजना में 'MIG' और किसी दूसरी में 'LIG' हो सकता है। हमेशा उसी पुस्तिका में छपी सीमा मानें।
परिवार की आय कैसे गिनी जाती है
ज़्यादातर योजनाएँ ताज़ा वित्त वर्ष में आवेदक और पति/पत्नी की कुल आय गिनती हैं। इसका प्रमाण आमतौर पर आयकर रिटर्न, फ़ॉर्म 16, वेतन प्रमाणपत्र या तहसीलदार का आय प्रमाणपत्र होता है। कुछ योजनाएँ कुल (ग्रॉस) आय और कुछ कर-योग्य आय माँगती हैं, यह पुस्तिका में लिखा होता है।
काम की सलाह
- लॉटरी शुरू होने से पहले सही वित्त वर्ष का आय प्रमाणपत्र बनवा लें।
- कम आय वर्ग में आने के लिए आय कम न बताएँ। सत्यापन में गड़बड़ी पकड़ी जाती है और आवंटन रद्द हो सकता है।
- बड़ी योजनाओं में आप किस वर्ग में आते हैं, यह जानने के लिए हमारा पात्रता जाँच टूल इस्तेमाल करें।
कोई पुरानी या गलत जानकारी दिखी? हमें बताएँ। इससे सबकी मदद होती है।