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आवास लॉटरी धोखाधड़ी से कैसे बचें

अपडेट 1 सित॰ 2026 · 4 मिनट

MHADA, DDA और दूसरी सरकारी आवास लॉटरी से जुड़ी आम धोखाधड़ी, और खुद को कैसे बचाएँ।

हर बड़ी लॉटरी के साथ धोखेबाज़ भी आते हैं। नियम सीधा है: आवंटन केवल आधिकारिक ड्रॉ या नीलामी से होता है, और पैसा केवल आधिकारिक पोर्टल पर या प्राधिकरण के बताए बैंक खाते में दिया जाता है।

आम धोखाधड़ी

  • एजेंटों या तथाकथित 'अंदर के लोगों' से 'पक्का फ्लैट' या 'कोटा' वाले ऑफ़र।
  • आधिकारिक पोर्टल जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइटें और सोशल मीडिया पेज।
  • 'आवेदन पूरा करने' के लिए OTP माँगने वाले फ़ोन कॉल।
  • आवंटन जारी करने के लिए 'प्रोसेसिंग फ़ीस' माँगने वाले नकली विजेता संदेश।
  • ऐसे आवंटित फ्लैट का 'ट्रांसफ़र' बेचना जो बेचने वाले का है ही नहीं।

सुरक्षित कैसे रहें

  • आधिकारिक पता खुद टाइप करें, और देखें कि वह प्राधिकरण के असली डोमेन (अक्सर .gov.in या .nic.in) पर खत्म होता है।
  • OTP, पासवर्ड या आधार की कॉपी कभी किसी को न दें।
  • विजेता सूची केवल आधिकारिक साइट पर जाँचें।
  • धोखाधड़ी की शिकायत cybercrime.gov.in पर करें या 1930 (राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन) पर कॉल करें।

इस वेबसाइट के बारे में

YojanaHelper एक स्वतंत्र गाइड है। हम कभी आवेदन शुल्क नहीं लेते, कभी OTP नहीं माँगते, और किसी भी आवंटन पर हमारा कोई असर नहीं है।

यह गाइड सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं। योजनाओं के नियम बदलते रहते हैं, इसलिए आवेदन से पहले हमेशा प्राधिकरण की आधिकारिक पुस्तिका और वेबसाइट देखें।

कोई पुरानी या गलत जानकारी दिखी? हमें बताएँ। इससे सबकी मदद होती है।

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